सुविवि ने किया देव संस्कृति विश्वविद्यालय हरिद्वार के साथ एमओयू

मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय तथा योग के प्रसिद्ध देव संस्कृति विश्वविद्यालय हरिद्वार के मध्य शैक्षणिक गतिविधियों के उन्नयन, योग विज्ञान, योग चिकित्सा, भारतीय संस्कृति, भारत की विरासत, पर्यटन, प्रबंधन, कृषि विकास, पर्यावरण, समग्र स्वास्थ्य, आदिवासी व जनजातीय रोजगार - स्वाबलंबन तथा आयुर्वेद के ज्ञान विज्ञान के विकास इत्यादि विषयों पर सहयोग के लिए एक एमओयू किया गया है। इस एमओयू पर मोहनलाल सुखाडिया विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो अमेरिका सिंह एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ प्रणव पंड्या ने आपसी सहमति के हस्ताक्षर किए। कुलपति प्रो सिंह ने बताया कि देव संस्कृति विश्वविद्यालय के साथ शैक्षणिक आदान-प्रदान को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। दोनो विश्वविद्यालय अपने-अपने क्षेत्र के आदिवासी बच्चों के विकास के लिए एवं उनके रोजगारमुखी कार्यक्रमों के सृजन की दिशा में मिल कर काम करेंगे। उन्होंने बताया कि बच्चों को कुशल और स्वावलंबी बनाने के लिए दोनों विश्वविद्यालय आपस में चर्चा करके बच्चों के आपसी यात्रा कार्यक्रमो के जरिये कुछ नए काम शुरु करेंगे, जिसमें आदिवासी बच्चों के विकास के लिए चिंतन किया जाएगा जो दोनों विश्वविद्यालयों के बीच एक सेतु का काम करेगा। यह एमओयू राजस्थान एवं उत्तराखंड के विद्यार्थियों के लिए मील का पत्थर साबित होगा। दोनों विश्वविद्यालय शिक्षकों, शोधार्थियों तथा विद्यार्थियों का भी आदान-प्रदान करेंगे। योग, टूरिज्म एवं अन्य प्रकार के ज्ञान की परंपरा को उन्नत करेंगे। कुलपति प्रो सिंह ने कहा कि उदयपुर में योग शिक्षा, संस्कृति एवं इतिहास, शिक्षा, कृषि एवं टूरिज्म में यह एमओयू नये आयाम गढेगा तथा आदिवासी क्षेत्रों में रोजगार एवं स्वावलंबन के लिए स्वावलंबन केंद्र की स्थापना करेगा जहां उन्हें निशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। देव संस्कृति विश्वविद्यालय हरिद्वार के प्रति कुलपति डॉ चिन्मय पंड्या ने मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के साथ एमओयू के बाद कहा कि उच्च स्तरीय अनुसंधान एवं रोजगार - स्वावलम्बन पर कार्य करने पर दोनों विश्वविद्यालय एक साथ कार्य करेंगे। आज के समय की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य की समस्या के निदान के लिए मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय में 4 नये पाठ्यक्रम आरंभ करने का निर्णय लिया है, जिसमें 2 कोर्स एमए - एमएससी क्लिनिकल साइकोलॉजी तथा मानव चेतना एवं योग विज्ञान के रूप में रहेंगे तथा दो पाठ्यक्रम सर्टिफिकेट कोर्स के रहेंगे जिसमें योग और अल्टरनेटिव थेरेपी तथा हॉलिस्टिक हेल्थ मैनेजमेंट के रूप में छह छह महीने के होंगे।
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Last Updated on : 28/02/26