वस्त्र नगरी में विद्यार्थियों ने जानी धागे से कपड़े, कपड़े से एक्सपोर्ट तक की यात्रा शैक्षणिक भ्रमण से विद्यार्थी न्यू डवलपमेंट से होंगे अपडेट : प्रो. अमेरिका सिंह

वस्त्र नगरी में विद्यार्थियों ने जानी धागे से कपड़े, कपड़े से एक्सपोर्ट तक की यात्रा शैक्षणिक भ्रमण से विद्यार्थी न्यू डवलपमेंट से होंगे अपडेट : प्रो. अमेरिका सिंह - कुलपति ने झंडी दिखाकर किया रवाना । - डिपार्टमेंट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी एंड डिजाइनिंग के विद्यार्थियों का शैक्षणिक भ्रमण उदयपुर। सर कपड़ा कैसे बनता है? कपड़े पर होने वाली डिजाइन कौन तय करता है? डिजाइनिंग के लिए कौनसे सॉफ्टवेयर काम में लिए जाते है? कपड़ों को एक्सपोर्ट करने के लिए क्या-क्या स्टेप होते है? क्या एक्सपोर्ट के लिए अलग पैंकेजिंग सिस्टम होता है? हमें कपड़ा मिल में जॉब कैसे मिल सकता है? आदि सवाल एक के बाद एक होने लगे जिसका कपड़ा मिल के विशेषज्ञों ने बारी -बारी से जवाब देकर विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं को शांत किया। जनसंपर्क अधिकारी डॉ पी एस राजपूत ने बताया कि मोहनलाल सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय के डिपार्टमेंट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी एंड डिजाइनिंग के विद्यार्थियों का वस्त्रों की नगरी भीलवाड़ा में स्थित कपड़ा मिल संगम का शैक्षणिक दौरा किया । इससे पूर्व विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अमेरिका सिंह ने शुक्रवार को सुबह विश्वविद्यालय परिसर में विद्यार्थियों को हरी झंडी दिखाकर शैक्षणिक भ्रमण के लिए रवाना किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि स्टडी के साथ-साथ प्रायोगिक ज्ञान जरूरी है। कौशल आधारित अध्ययन में देश की ख्यातनाम संगम जैसी मिल का अवलोकन करने से न केवल विद्यार्थियों को एक नई दिशा मिलेगी बल्कि इस क्षेत्र में होने वाले डवलपमेंट से भी अपडेट होंगे। नई शिक्षा नीति के तहत इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण विश्वविद्यालय स्तर पर जारी रहेंगे। रूई से धागा-कपड़े का सफर जाना डिपार्टमेंट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी एंड डिजाइनिंग की छात्राओं ने संगम मिल में रूई से धागे,धागे से कपड़े , कपड़े से डिजाइन बनाने की प्रक्रिया को समझा। यूनिटों की मशीनी प्रक्रिया जानी कपड़ा मिल की अलग-अलग यूनिट में स्पिनिंग यूनिट, वीविंग यूनिट, पैकेजिंग यूनिट, एक्सपोर्ट यूनिट में काम में आने वाली विभिन्न मशीनों व उसके संचालन प्रक्रिया को बारिकी से जाना। सीमलेस निटिंग यूनिट को देखकर दंग छात्राएं सीमलेस निटिंग यूनिट देखकर रह गई दंग। इसके तहत फिमेल एपेरल मैन्यूफेक्चरिंग प्रोसेस को देखा और समझा। इस दौरान छात्राओं ने कस्टमर डिमांड, प्रोटोटाइस प्रीप्रेशन, डिस्प्ले, एप्रूव्ल और मर्केंटाइजिंग यूनिट के प्रोसेस में गहरी रूचि दिखाई। एडवांस टेक्नोलॉजी को नजदीक से जाना विभाग की इंचार्ज हेड डॉ. डॉली मोगरा ने कहा कि छात्राओं को देश की ख्यातनाम कपड़ा मिलों में होने वाले विभिन्न प्रोसेस के बारे में नजदीक से जानने का मौका मिला। संगम मिल ऐसी कपड़ा मिल है जहां एडवांस टेक्नोलॉजी वाली सिमलेस यूनिट है जो देश की चुनिंदा कपड़ा मिलों में ही है। प्रेसिडेंट ऑफ संगम ग्रुप अशोक चांदना ने छात्राओं को कच्चे माल से लेकर एक्सपोर्ट की गतिविधियों से अवगत कराया। एचआर हेड मनीष शर्मा ने मिल की अन्य तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी। विभाग की अतिथि प्राध्यापक डॉ. ममता कावडिय़ा ने शैक्षणिक भ्रमण की सफलता को लेकर संगम, विजेता अन्य कपड़ा मिल के अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों के प्रति आभार जताया।
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Last Updated on : 07/02/26