यू. जी. सी. महिला अध्ययन केंद्र एवं चीफ़ वॉर्डन ऑफ़िस: विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस और अंतराष्ट्रीय बालिका दिवस

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस और अंतराष्ट्रीय बालिका दिवस यू. जी. सी. महिला अध्ययन केंद्र एवं चीफ़ वॉर्डन ऑफ़िस, यूनिवर्सिटी हास्टल्ज़, मोहनलाल सुखाडिया विश्वविद्यालय के तत्वावधान में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस (१० अक्टूबर २०२१) और अंतराष्ट्रीय बालिका दिवस (११ अक्टूबर २०२१) के उपलक्ष्य पर मानसिक स्वास्थ्य विषय के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए १० अक्टूबर को एम डी एस गर्ल्ज़ हॉस्टल में मानसिक स्वास्थ्य पर एक व्याख्यान का आयोजन किया गया और १० अक्टूबर से १७ अक्टूबर तक एक सप्ताह का योग शिविर का आयोजन किया गया। डॉक्टर गरिमा मिश्रा, सहायक आचार्य, यू जी सी महिला अध्ययन केंद्र एवं वॉर्डन, एम डी एस गर्ल्ज़ हॉस्टल ने कुलपति प्रो. अमेरिका सिंह को विभाग की तरफ़ से धन्यवाद देते हुए केंद्र निदेशक प्रो प्रतिभा एवं चीफ़ वॉर्डन प्रो मंजु बागमार का संदेश छात्राओं तक पहुँचाया। बालिका शिक्षा के महत्व और पूर्व गर्भाधान और प्रसव पूर्व निदान तकनीक (PCPNDT) अधिनियम, 1994 के विषय पर छात्राओं को जागरूक किया। मानसिक स्वास्थ्य पर चर्चा करते हुए डॉक्टर हेमा मेहर, सहायक आचार्य, मनोविज्ञान विभाग ने छात्राओं से बातचीत की और उन्हें शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर रखने के उपाय साझा किए। और यह भी बताया की छात्राएँ कैसे समझे कि वे किसी मानसिक समस्या से गुज़र रही है। योग एक्स्पर्ट श्रीमती मीना जैन छात्राओं को एक सप्ताह के योग शिविर में सुबह एक घंटा योग के गुर सिखाने के साथ इनसे होने वाले लाभ की जानकारी भी दी। यह सात दिवसीय शिविर में ३० से अधिक छात्राओं को लाभ प्राप्त हुआ । इस शिविर में योग एक्स्पर्ट मीना जैन द्वारा प्रत्येक दिन विभिन्न योग आसन और प्राणायाम छात्राओं को सिखाया गया। जिसमें क्रमशः शरीर को मजबूत करने, लचक बढ़ाने, ब्लड सर्क्यलेशन बेहतर करने, मोटापा कम लेने, माहवारी की समस्या, मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए उपयोगी व् उचित योगासन व प्राणायाम बताए गए तथा आख़िरी दिन छात्राओं ने अपनी समस्याओं को एक्सपर्ट के साथ साझा किया और योगा की टेक्नीक से सम्बंधित प्रश्नोत्तर किए। छात्राओं ने इन सात दिनों के अपने अनुभव साझा किए और आग्रह किया कि योगा शिविर लम्बे समय के लिए आयोजित किए जाए जिससे वे इसे बेहतर तरीक़े से सीख सकें। डॉ गरिमा मिश्रा और मीना जैन ने छात्राओं के सभी सवालों का जवाब दिया और कार्यक्रम का समापन ध्यान की क्रिया के साथ किया गया। इस मौके पर डॉ मिश्र ने कुलपति अमरीका सिंह के मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन के लिए धन्यवाद् ज्ञापित किया। और छात्रावास की वार्डन स्नेहा सिंह, सहायक आचार्य, विधि महाविद्यालय ने श्रीमती मीना जैन को छात्राओं को अपना समय देने के लिए आभार व्यक्त किया और सभी को धन्यवाद दिया। छात्राओं में उत्साह देखा गया और उन्होंने एक्स्पर्ट्स से खुल कर बात की और प्रश्न भी पूछे। छात्रावास में छात्राओं के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए प्रत्येक सप्ताह काउन्सलिंग की व्यवस्था की जाएगी।
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Last Updated on : 28/02/26